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Showing posts from October, 2016

जनसंख्या विस्फोट : कारण ,परिणाम, उपाय

भारत लगभग 121 करोड़ (जनगणना,2011) की जनसंख्या के साथ कुल विश्व की आवादी का 17.5% के बराबर है,यह सम्पूर्ण विश्व में 134.1 करोड़(2010) की जनसख्या वाले देश चीन के बाद मात्र दूसरा देश है| दुसरे शब्दों में 121 करोड़ पर भारत की जनसंख्या अमेरिका,इंडोनेशिया,ब्राज़ील,पाकिस्तान,बांग्लादेश तथा जापान की कुल जनसंख्या के लगभग बराबर है, जिस पैमाने पर भारत की जनसख्या बड रही है वह सहज रूप से दिल को दहलाने वाला है| जहाँ सन 1941 में हमारे देश की कुल जनसख्या लगभग 31.86 करोड़ थी,वही 2011 में यह बड़कर 121 करोड़ हो चुकी है| वर्तमान में सम्पूर्ण विश्व के प्रत्येक 6 व्यक्तियों में से 1 भारतीय है,भारत के पास विश्व के 13.579 करोड़ वर्ग km सतही क्षेत्र का मामूली 2.4% का भाग उपलब्ध है,जबकि यह विश्व की 17.5% चुनातीपूर्ण जनसख्या को सहयोग एवं पालन-पोषण प्रदान करता है,जहाँ चीन विगत कुछ वर्षो के दौरान अपनी जनसंख्या में निरंतर कम वृधि होने का प्रदर्शन कर रहा है,वहीँ यह अनुमान लगाया गया है की प्रथ्वी पर सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश बन जाने के लिए सन 2030 तक भारत के चीन से आगे निकल जाने की पूरी सम्भावना है| चार बड़े राज्य( उत्तर प…

The Surgical Strike

1-Reference- after uri Attack ,In which our 19 soldiers were martyred, India  was boiling from anger and requesting and forcing to our central government to make Pakistan pay for this kind of coward attack, that day BSF DGMO was promised to India that Indian army is able to respond and will respond and time and place will be chosen by army. after few days DGMO and MEA’s Spoke Person addresses a press conference and told to nation that Indian army has conducted a surgical strike over terrorists launching pad in Pak Occupied Kashmir yesterday night and we have made them very casual. because terrorists were planning to attack in soil of India and we have right to defense us on front. as the news air atmosphere gets change, every Indian was feeling himself lucky to have such soldiers and thumbing chest for retort to Pakistan. this story became the top story of international media and national media. now everyone was congratulating to Indian Army for this brave step and praising PM Modi for th…

एक दलित का दर्द

एक दलित का दर्द (नोट- एक दलित व्यक्ति से बात करने के बाद  उसके व्यगातिगत पक्षों को उस व्यक्ति के माध्यम से बातचीत का छोटा सा अंश) राम-राम साहेब! मैं दलित हूँ पर मैं किस लिए दलित हूँ मुझे नहीं पता! , मुझे भगवान् ने तो दलित बनाया नहीं होगा तो फिर इंसान ने मुझे दलित क्यों बनाया?,मैं नहीं जानता,मैं हिन्दू हूँ और हिन्दू धर्म के मुताबिक मुझे सबसे निचला दर्जा प्राप्त है और भारत के सविंधान ने मेरी व्याख्या दलित के रूप में की है पर क्यूँ मैं नहीं जानता!,मुझे दलित होने पर इतना शर्मसार क्यूँ होना पड़ता है या मुझे छुआ-छूत का सामना क्यों करना पड़ता है? क्या मैं एक आम इंसान नहीं हूँ? आखिर मैं हजारो वर्षो से शोषित जीवन जीने को क्यूँ मजबूर हूँ? मेरी गलती क्या? दुनिया में जन्म लेना या हिन्दू धर्म में जन्म लेना मुझे यह भी नहीं पता| मेरी समाज में जिस बराबरी को लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी से लेकर सविंधान निर्माता भीमराव आंबेडकर ने जीवन पर्यंत लड़ाई लड़ी वो बराबरी मुझे आजतक मिली क्यूँ नहीं,जिस सविंधान ने हमारे संमाज को बराबरी का एहसास करने के लिए सीमित आरक्षण की व्यवस्था की वह आज देश की प्रगति के लिए खतरा कैसा…