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Showing posts from September, 2016

An Open Letter to Prime Minister Of India

Dear, Honorable Prime Minister of India Shri Narendra Damodar Das Modi, Sir, I am not any diplomats , I am not any politician ,I am not any adviser ,I don’t belong to riches, I don’t belong to any armed forces, I am not defense expert, I am speaking as Citizen of India and according to constitution I have right to elect and right to ask ,right to say. I am common man. in 2014 election I have heard you with a dossier of development formulas, I remember, you said “this is so shameful that anybody had carried our one  jawans head and we was keep seeing” and you promised that if any country will hit  us by bullet than we will respond with heavy bullets. You also promised to us that if Pakistan attacks on us, we are required to go Pakistan not united nation. You always hit previous government on external issues. I had voted for you and you were back on action.  Now Your ministers were free to target Pakistan everywhere, anytime, anyway  ,in any election rally but you did not care, you h…

महिलाओं को मानसिक आजादी कब?

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अक्सर हम भारतीय कुछ लोंग जब कभी एक ऐसी खबर पढते है/सुनते है/देखते है की आज एक प्रेमी जोड़े ने आत्महत्या कर ली या प्रेमी युगल की हत्या कर दी गई या प्रेमी ने प्रेमिका से दूर रहने के कारण आत्महत्या कर ली तो हम इन खबरों से अपना ध्यान हटा लेते है और इन खबरों को नजरंदाज कर देते है पर यदि हम एक ऐसी खबर सुनते है की प्रेमिका को लेकर प्रेमी हुआ फरार या प्रेमी-प्रेमिका ने घर से भाग कर रचाई शादी तो क्रोध आता है,कई व्यक्ति तो ऐसा महसूस करते है यदि वह उनकी बेटी/बेटा होती तो वो उनको जान से मार देते.
ऐसी रूडिवादी सोच हमारे संमाज में आज भी जीवित है,कुछ अभिभावक अपने पुत्र या पुत्री को अपने कुल या जाति के ही वर/बधू से शादी करने की सलाह देते है तो कुछ लोंग कभी-कभी उनको ऐसा करने के लिए मजबूरन बाध्य करते है जो की अंततः एक जटिल समस्या बन जाति है और यह जटिल समस्या कभी-कभी प्रेमी युगलों की जान तक ले लेती है,और समाज को शर्मशार कर देती है और कुछ युवक ऐसा मानते है की उनको उनके कुल/जाति के ही अनुसार शादी करनी चाहिए जिससे देश में हिंसा न हो और यह हमारा दुर्भाग्य है की ऐसी सोच रखने वाले व्यक्ति हमारे समाज में मौजूद ह…