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Showing posts from 2016

संसद कैसे चलेगी?

नमस्कार! भारतीय संसद में आपका स्वागत है,इसके तीन अंग है,लोकसभा+राज्सभा+राष्ट्रपति, जिनके ऊपर संसदीय प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने का दारोमदार है,दूसरी भाषा में “संसद लोगों की वह सर्वोत्कृष्ट संस्था है जिसके माध्यम से लोगो की प्रभुसत्ता को अभिव्यक्ति मिलती है| पहले संसद का काम केवल बनाना ही होता था पर आज यह राजनितिक और वित्तीय नियंत्रण,प्रशासन की निगरानी,जवाबदेही,हिसाबदेही,शिकायते,शिक्षित करना,मंत्रा देना,व् राष्ट्रिय एकता सुनिश्स्चित करना भी है,जो एक लोकतान्त्रिक देश को और मजबूती प्रदान करती है| आज की बात यह है संसद के दोनों सदनों में हंगामा बहुत होता,संसद थप रहती है,सत्र धुल जाते है,कानून अटके रहते है,और सरकार कहती है की संसद न चलने का कारण विपक्ष का दिवालियापन है?,और मीडिया आपको बार-बार यह तर्क देता रहता है की आपकी मेहनत की कमाई से बसूला गया टैक्स युहीं खपता जा रहा है,अब मैं जनता हूँ की आप का खून खौल रहा होगा लेकिन सब्र कीजिये आज हम संसद न चलने के लिए जवाबदेही और हिसाबदेही की लिए जिम्मेवार व्यक्ति को टटोलने की कोशिस करेंगे, क्यूंकि सवाल केवल टैक्स भरने तक का नही है- इसके लिए हमें …

नोटबंदी वाया देशप्रेम?

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दिनांक 08/11/2016 को प्रधानमंत्री ने यह ऐलान किया की उस रात 12:00 बजे से 1000 व् 500 के नोट कागज के टुकड़े हो जायेगें और कानूनन अमान्य होगें,इस फैसले ने देश 86% करेंसी को रद्दी कर दिया और इसे बैंक में जमा करने को कहकर उतनी ही मुद्रा की नयी करेंसी पाने का आव्हान किया,यह फैसला देश के नागरिकों पर बिजली की तरह गिरा और इस फैसले की आलोचना से बचने के लिए सरकार ने इसे कालेधन व् भ्रष्टाचार पर कार्यवाही से जोड़ दिया/जोड़ रही है,और 125 करोड़ जनता से 50 दिन मांगे है और कहा है की देश 50 दिन बाद सोने जैसा चमकेगा| हाँ सोने से ध्यान आया की भारत की जनता के पास इतना सोना,चांदी,हीरा,जवाहरात है की यदि सरकार के पास आ जाये तो अर्थव्यस्था जरूर सोने की तरह चमकेगी और देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की नंबर 1 अर्थव्यवस्था बन जाएगी,लेकिन छोडिये वह सब तो सफ़ेद धन है?, ध्यान में आता है की वर्तमान सरकार ने 100 दिन के अंदर विदेशों में जमा 80 लाख करोड़ कालाधन वापस लाने को कहा था लेकिन वह तो आया नही और न आ पायेगा?, क्यूंकि उस कालेधन को लाने के लिए सन 1976 से प्रयास हो रहा और सत्ता बदलती गयी लेकिन कालाधन नही आया?,ध्…

Why Rapes happen in India?

Many decades ago Women assertion was happen in Western civilization in them Rape of womens were one but now its happen in india and in a large number but why ? In india every 4 minute a women or minor gets raped  even we are being  called the capital of rape now. Lets check – The great mans used to say that without womens  progress our development is half of the real achievement even we could not called us developed. There can be two cause of happening rapes in india , one is failure of law and order or administration and second is our society. So first we should analysts our society – We are struggling between india and Bharat, many decades ago our womens were not allowed to move,walk,go,sit anywhere,doing work,doing love by choice,look at boys etc which were very rude and this civilization was being called ‘Bhartiy Sanskriti’. Essentially we have very large burden of our exploitation civilization and womens right was very limited,she had to get marry in just 14 age of years and she had …

सरकार और न्यायपालिका में तकरार

यदि आप लोगों से पूछेंगे की इस दुनिया में न्याय कौन करता है तो लोगों का मत होगा ईश्वर और देश की अदालतें यानि न्यायपालिका और चूँकि ईश्वर को किसी ने देखा नही/जाना नहीं तो भारत देश में भारतीय न्यायपालिका को ईश्वर का दरबार और न्यायाधीशों को ईश्वर का दर्ज़ा प्राप्त है, भारतीय न्यायपालिका अपनी निरपेक्षता ,निष्पक्षता,स्वंत्रता,प्रितिष्ठा के लिए जानी जाती है जिसका उल्लेख वह ‘सत्यमेव जयते’ शब्द से करती है इसीलिए यह केवल एक शब्द न होकर पुरे देश के लोगों की उम्मीद और भरोसा है की जीत सत्य की होगी| न्यायपालिका में किसी के साथ पक्षपात नहीं होता क्यूंकि यह तथ्यों व् स्वंत्रता से फैसले लेती है,अब बात आती है न्याय करने वाले व्यक्ति की जिसे कानूनी भाषा में न्यायाधीश कहते है,भारत में जब सविंधान का निर्माण हुआ तो हमने संघीय व्यवस्था के तहत ‘स्वंतंत्र न्य्यापलिका’ को अपनाया, यानि न्यायपालिका अपने हर कार्य में स्वतंत्र है और बिना किसी राजनातिक हस्तक्षेप के व् बिना किसी प्रकार के भेदभाव के बिना श्रेष्ठ व् स्वंत्र न्याय देने में सक्षम व् प्रितिबद्ध है यह स्वंत्रता का मतलब न्यायधिशो के चुनाव प्रिक्रिया से भी है…

भारत सरकार का काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक!

आज दिनांक 08 नवम्बर 2016 को देश के प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में यह एलान किया की उनकी सरकार भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए सक्षम है और एक एतिहासिक फैसला लेने जा रही है जिसमे आज दिनांक 08 नवम्बर की आधी रात से यानि आज रात 12 बजे से 500 और 1000 के नोटों यानि करेंसी को बंद करने का फैसला ले रही है,लेकिन घबराने या हडबडाने की कोई चिंता नहीं है, दरहसल यह एक एतिहासिक कदम है और इसे बारीकी से समझना चाहिए| ·1 -देश के नागरिक जिनके पास अभी 500 या 1000 के नोट है वो दिनांक 31 दिसम्बर 2016 तक यानि 50 दिनों के भीतर इसे वापस किसी भी बैंको या पोस्ट-ऑफिस में जमा करा सकते है |
·    2-     देश के नागरिक जो 31 दिसम्बर 2016 तक अपने नोट नहीं बदल पाएंगे वो 31 मार्च 2017 तक भारतीय रिज़र्व बैंक की किसी अधिकारिक ऑफिस में एक घोषणापत्र के साथ जमा करा सकते है |
·  3-  ऐसे नागरिक जो अभी हाल ही में हवाई यात्रायें या बस यात्रायें कर रहे है या करने जा रहे है या स्वास्थ उपचार के लिए अस्पताल में है या तत्काल दवाईयों को खरीदना चाहते है उन नागरिकों से यह नोट दिनांक 11 नवम्बर 2016 तक स्वीकार्य होगें|
·      4-   दिनांक 25…

जनसंख्या विस्फोट : कारण ,परिणाम, उपाय

भारत लगभग 121 करोड़ (जनगणना,2011) की जनसंख्या के साथ कुल विश्व की आवादी का 17.5% के बराबर है,यह सम्पूर्ण विश्व में 134.1 करोड़(2010) की जनसख्या वाले देश चीन के बाद मात्र दूसरा देश है| दुसरे शब्दों में 121 करोड़ पर भारत की जनसंख्या अमेरिका,इंडोनेशिया,ब्राज़ील,पाकिस्तान,बांग्लादेश तथा जापान की कुल जनसंख्या के लगभग बराबर है, जिस पैमाने पर भारत की जनसख्या बड रही है वह सहज रूप से दिल को दहलाने वाला है| जहाँ सन 1941 में हमारे देश की कुल जनसख्या लगभग 31.86 करोड़ थी,वही 2011 में यह बड़कर 121 करोड़ हो चुकी है| वर्तमान में सम्पूर्ण विश्व के प्रत्येक 6 व्यक्तियों में से 1 भारतीय है,भारत के पास विश्व के 13.579 करोड़ वर्ग km सतही क्षेत्र का मामूली 2.4% का भाग उपलब्ध है,जबकि यह विश्व की 17.5% चुनातीपूर्ण जनसख्या को सहयोग एवं पालन-पोषण प्रदान करता है,जहाँ चीन विगत कुछ वर्षो के दौरान अपनी जनसंख्या में निरंतर कम वृधि होने का प्रदर्शन कर रहा है,वहीँ यह अनुमान लगाया गया है की प्रथ्वी पर सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश बन जाने के लिए सन 2030 तक भारत के चीन से आगे निकल जाने की पूरी सम्भावना है| चार बड़े राज्य( उत्तर प…